- 38 किलो सोना और डेढ़ से दो करोड़ रुपया भी लूट ले गए थे बदमाश
- 8 लोगो ने दिया था हत्याकांड को अंजाम
बरेली। उद्योगपति संजीव गर्ग हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। नौकरी से निकाले जाने से खफा उद्योगपति के साढ़ू के बेटों ने ही उनकी हत्या की सुपारी पांच लाख में दी थी। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि चार आरोपी पुलिस की गिरफ्त से फरार चल रहे हैं। पकड़े गए शातिर आरोपियों के पास से पुलिस ने 8 किलो सोना और 13 लाख रुपये बरामद किया हैं।
बीते माह 21 जनवरी को हुई इस सनसनीखेज घटना के खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच सहित पुलिस की कई टीमें इस वारदात को खुलासा करने के लिए लगाई गई थी। पुलिस की एक महीने के चली इन्वेस्टिगेशन में एक चौका देने वाला सच सामने आया जिसे सुनकर मृतक के परिवार और रिश्तेदार में खलबली मच गई। इस सनसनी वारदात को अंजाम देने वाला कातिल कोई और नहीं था मृतक के साढ़ू के बेटे ने ही इस पूरी हत्याकांड की स्क्रिप्ट लिखी थी। संजीव का कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने अपने साढू के बेटे सोनू और मोनू की गलत आदतों के चलते उन्हें फैक्ट्री से निकाल दिया था, यह बात दोनों को नागवार गुजरी और इस बीच मौसा को रास्ते से हटाने का मन बना लिया और दोनों ने ही सुपारी लेने वाले लोगों से संपर्क करके उन्हें ठिकाने लगाने के लिए सौदा कर दिया।
साडू के बेटे ने मौसा की हत्या करने की स्क्रिप्ट खुद तैयार की थी
इसका बाकायदा किराए के हत्यारों को पांच लाख रुपये देकर बुक किया गया था। प्रेमनगर के रहने वाले उद्योगपति संजीव गर्ग की परसाखेड़ा में महावीर प्लाईवुड इंडस्ट्रीज के नाम से फैक्ट्री है। 21 जनवरी को फतेहगंज पश्चिमी के अगरास रोड पर एएनए कॉलेज के पास उनकी हत्या की गई थी। उनका शव गाड़ी से जमीन तक लटका मिला था। उनके बेटे डॉक्टर शुभम गर्ग की ओर से थाना फतेहगंज पश्चिमी में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था। मुकदमे की छानबीन में जुटी पुलिस को पहले से ही रिश्तेदारों पर हत्या का शक था। पुलिस का शक सच साबित हुआ, लेकिन उस सच को सच साबित करने में पुलिस को पूरा एक महीना लग गया।
पुलिस के मुखबिर की सटीक सूचना की वजह से उठा हत्याकांड से पर्दा
पुलिस सर्विलांस के जरिए खुलासा करने का काम तो कर ही रही थी इस दौरान पुलिस ने मुखबिर तंत्र को भी मजबूत कर दिया और मुख्य की सटीक जानकारी मिलते ही सोनू और मोनू को कब्जे में ले लिया। उनसे गहनता से पूछताछ की तो कड़ी दर कड़ी खुलती चली गई और संजीव गर्ग हत्याकांड पर से बरेली की पुलिस टीम ने पर्दा उठा दिया। पुलिस ने सुपारी किलर विकास और शुभम के ठिकानों से गिरफ्तार किया तो उन्होंने पूछताछ में बताया कि उन्हें सोनू और मोनू ने 5 लाख रुपये की सुपारी दी थी। पिछले एक साल से हम सभी संजीव गर्ग की हत्या की साजिश कर रहे थे और सितंबर से उनकी रेकी शुरू कर दी थी, जिसके बाद 20 सितंबर को मौका पाकर लोहे की रॉड सिर पर मारकर संजीव गर्ग की हत्या कर दी थी।
घटना का खुलासा करते हुए बरेली एसएसपी रोहित सिंह सजवान ने बताया कि उद्योगपति संजीव गर्ग की हत्या उनके साढू के बेटे सोनू और मोनू ने 5 लाख रुपये सुपारी देकर करवाई थी। पुलिस ने सुपारी किलर विकास भल्ला, राजस्थान निवासी शुभम कुमावत, उद्योगपति संजीव गर्ग के साढू के बेटे गौरव मित्तल उर्फ सोनू और सौरभ मित्तल उर्फ मोनू को ट्यूलिया अंडरपास के नजदीक से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने पूछताछ के आधार पर बताया कि सोनू और मोनू कई वर्ष तक अपने मौसा संजीव गर्ग के यहां फैक्ट्री में नौकरी करते थे, लेकिन उनकी गलत हरकतों के चलते संजीव गर्ग ने उन्हें नौकरी से निकाल दिया। इस बेइज्जती का बदला लेने के लिए सोनू और मोनू दोनों भाइयों ने अपने मौसा संजीव गर्ग की हत्या का प्लान बनाया।

