बदल जाएगा बस्ती जिले का भी नाम, प्रस्ताव भेजा गया, जानिए क्या होगा नया नाम

basti dm

बस्ती। अगर सबकुछ ठीक रहा तो जल्दी ही यूपी के एक और जिले का नाम बदल जाएगा। इससे पहले यूपी सरकार ने इलाहाबाद और फैजाबाद का नाम परिवर्तन किया है। जिससे यह उम्मीद जताई जा रही है कि जल्दी ही एक और जिले का नाम बदलने की कवायद शुरू हो गई है। जी हां हम बात कर रहे हैं बस्ती जिले की। जिला प्रशासन की ओर से राजस्व परिषद को जिले का नाम बदलने का प्रस्ताव भेजा गया है। अगर राजस्व परिषद की इस पर मुहर लगती है तो योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में बस्ती पहला जिला होगा, जिसके नाम में बदलाव किया जाएगा।

अब सवाल यह है कि बस्ती नाम बदलकर क्या किया जाएगा। तो हम आपको बता दें कि बस्ती जिले का नया नाम वशिष्ठनगर रखने की योजना पर काम शुरू हो गया है। दरअसल बस्ती का नाम वशिष्ठनगर इसलिए रखा जा रहा है क्योंकि ऐसा माना जा रहा है कि यह भगवान श्रीराम के कुलगुरु महर्षि वशिष्ठ की धरती है। बस्ती जिले के नाम में बदलाव का प्रस्ताव पहले भी आया था, लेकिन तब उस पर सहमति नहीं बन पाई थी।

26 मई को एक बार फिर बस्ती जिला प्रशासन की ओर से राजस्व परिषद को जिला के नाम में बदलाव का प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया है। इस प्रस्ताव के तहत आने वाला खर्च अब सरकार नहीं विभाग के स्तर पर किया जाएगा। नाम में बदलाव की सबसे बड़ी अड़चन इस पर होने वाला खर्च ही था। इस अड़चन को अब समाप्त कर लिया गया है। ऐसे में जिला प्रशासन की ओर भी माना जा रहा है कि जल्द ही राजस्व परिषद की ओर से इस प्रस्ताव पर क्लीयरेंस मिल जाएगा।

योगी आदित्यनाथ सरकार के पिछले कार्यकाल में दो जिलों का नाम बदला गया था। इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज और फैजाबाद जिले का नाम बदलकर अयोध्या कर दिया। इसके बाद वर्ष 2019 में बस्ती जिले का नाम बदल कर वशिष्ठनगर किए जाने की मांग जोर पकड़ने लगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने बस्ती में नए बने मेडिकल कॉलेज का नाम महर्षि वशिष्ठ के नाम पर करने की घोषणा की तो मांग को बल मिला। सांसद हरीश द्विवेदी, विधायक अजय सिंह और संजय प्रताप जायसवाल ने मामले को जोरदार तरीके से उठाया तो राजस्व परिषद की ओर से जिले का नाम बदलने का प्रस्ताव मांगा गया।

वशिष्ठी से बना बस्ती जिला
बस्ती जिले को लेकर तैयार किए गए प्रस्ताव में साफ किया गया था। यहां पर महर्षि वशिष्ठ का आश्रम हुआ करता था। पुरातन काल में इसका नाम वशिष्ठी था। यहां पर आश्रम में महर्षि वशिष्ठ ने महाराजा दशरथ के लिए पुत्रेष्ठि यज्ञ कराया था। इसके बाद भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का जन्म हुआ था। प्रशासन की ओर से जिले का नाम बदलकर वशिष्ठनगर या वशिष्ठी किए जाने पर कोई आपत्ति नहीं जताई गई। इस संबंध में बस्ती डीएम सौम्या अग्रवाल का कहना है कि जिले के सभी विभागों से सहमति ले ली गई है। इसके बाद सरकार को नाम में बदलाव का प्रस्ताव भेज दिया गया है। इस पर आने वाला खर्च अब विभाग खुद वहन करेंगे।

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