नई दिल्ली। चीनी सामानों के बहिष्कार की वजह से इस दीपावली सीजन के दौरान चीन के निर्यातकों को 50,000 करोड़ रुपये का नुकसान होगा। पिछले साल भी दीपावली के दौरान देशभर में करीब 72,000 करोड़ का कारोबार हुआ था और उस समय चीन को करीब 40,000 करोड़ का घाटा हुआ था।
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने कहा कि पिछले साल की तरह इस वर्ष भी चीन के सामानों के बहिष्कार का आह्वान किया गया है। निश्चित रूप से देश के व्यापारियों और आयातकों ने चीन से सामानों का आयात बंद कर दिया है। इससे त्योहारी सोजन और खासकर दिवाली के दौरान चीन को करीब 50,000 करोड़ रुपये का व्यापार घाटा होने वाला है।
कैट महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि इस वर्ष अभी तक भारतीय व्यापारियों या आयातकों ने दीपावली के सामानों, पटाखों या अन्य समान वस्तुओं का कोई भी ऑर्डर चीन को नहीं दिया है। इस दीपावली को विशुद्ध रूप से हिंदुस्तानी दीपावली के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण बदलाव है क्योंकि ग्राहक पिछले साल से ही चीनी सामान खरीदने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। इससे भारतीय सामानों की मांग बढ़ने की संभावना है। इस साल राखी के दौरान भी चीन को 5,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था, जबकि गणेश चतुर्थी पर 500 करोड़ की चपत लगी थी।
चीन से आयातित स्टील पर डंपिंग शुल्क लगाने की सिफारिश वाणिज्य मंत्रालय की जांच शाखा डीजीटीआर ने चीन से आयातिक कुछ स्टील उत्पादों पर पांच साल के लिए डंपिंग-रोधी शुल्क जारी रखने की सिफारिश की है। एक अधिसूचना में व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) ने कहा कि इन स्टील उत्पादों के डंपिंग से घरेलू निर्माताओं को भारी नुकसान हो रहा है। उनके हितों की रक्षा के लिए डीजीटीआर ने इन उत्पादों पर 546 डॉलर प्रति टन शुल्क लगाने की सिफारिश की है।
दो लाख करोड़ खर्च करेंगे ग्राहक कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की रिसर्च विंग ने चीनी सामानों के बहिष्कार को लेकर हाल ही में 20 वित्तीय शहरों में सर्वे किया । इसके मुताबिक, दिवाली पर देशभर के ग्राहक करीब 2 लाख करोड़ रुपये खर्च कर सकते हैं। सर्वे में शामिल 20 शहरों में नई दिल्ली, अहमदाबादा, मुंबई, नागपुर, जयपुर, लखनऊ, चंडीगढ़, रायपुर, भुवनेश्वर, कोलकाता, रांची, गुवाहाटी, पटना, चेन्नई, बंगलूरू, हैदराबाद, मदुरै, पुडुचेरी, भोपाल और जम्मू शामिल हैं।

