सावन में इस बार बन रहा है अद्भुद संयोग, बस ये करें, सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी

bhagvan shiv

सावन शुरू हो गया है । इस बार सावन में पांच सोमवार पड़ रहे हैं। इनमें चार मंगला गौरी व्रत होंगे। वहीं मान्यताओं के अनुसार इस समय मंत्र जाप का भी बहुत महत्व होता है। ओम नमः शिवाय मंत्र का जप करने से सभी तरह के दुख.दर्द दूर हो जाते हैं। शिव भगवान को यदि प्रसन्न करना है तो सावन माह में पूरे विधि विधान के साथ उनकी पूजा जरूर करनी चाहिए। सावन माह में सोमवार के दिन का भी विशेष महत्व होता है। सावन सोमवार व्रत मनोकामना पूर्ति के लिए किया जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा.अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। इसलिए धार्मिक दृष्टि से सावन सोमवार का विशेष महत्व होता है।

इस महीने राशि के अनुसार विशेष उपाय करने से शिवजी की कृपा प्राप्त होती है। सावन के सोमवार का भक्तों को बहुत इंतजार रहता है। इस महीने में भोले शंकर की विशेष आराधना की जाती है। लोग भोले शंकर का रुद्राभिषेक कराते हैं। सावन मास भगवान शिव का सबसे पसंदीदा माह है और इस दौरान यदि कोई श्रद्धालु पूरी आस्था के साथ भोलेनाथ की आराधना करता है तो उसकी सभी मनोकामना पूरी होती है। इस महीने भगवान शिव की विधि.विधान के साथ पूजा होती है। सावन के पावन महीने में शिव के भक्त कावड़ लेकर आते हैं और उस कांवड़ में भरे गंगा जल से शिवजी का अभिषेक करते हैं।

बताते हैं कि 22 जुलाई को सावन का आरंभ होते ही प्रातः 05.37 से रात्रि 10.21 तक सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। वहीं, प्रीति योग जो 21 जुलाई को रात्रि 09.11 पर शुरू होगा और 22 जुलाई को सायं 05.58 पर समाप्त होगा। तीसरा योग आयुष्मान योग है जो सायं 05.58 से आरंभ होकर 23 जुलाई को दोपहर 02.36 पर समाप्त होगा।

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