लखनऊ। प्रयागराज में हुई महंत नरेंद्र गिरि की मौत की जांच में जुटी सीबीआई को प्रारंभिक जांच के बाद मामले में गहरी साजिश के संकेत मिले हैं। नरेंद्र गिरि के नाम से कुछ समय पहले एक फर्जी ट्विटर एकाउंट बनाया गया था। घटना से दो हफ्ते पहले उन्होंने दारागंज थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अब सीबीआई ने उस एफआईआर को भी जांच में शामिल कर लिया है। सीबीआई को आशंका है कि ट्विटर का फर्जी एकाउंट भी गहरी साजिश एक हिस्सा था।
सीबीआई की प्रारंभिक जांच के बाद इस बात के संकेत मिले हैं कि महंत नरेंद्र गिरि के खिलाफ गहरी साजिश रची गई थी। उन्हें अलग-अलग मुद्दों पर लगातार घेरा जा रहा था। उनके नाम से ट्विटर का फर्जी एकाउंट भी साजिश का हिस्सा हो सकता है। दरअसल नरेंद्र गिरि के नाम से बने ट्विटर एकाउंट से एक के बाद एक कई ट्वीट किए गए। इसमें कुछ स्थानीय तो कुछ राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों पर ट्वीट किए गए थे। इस बात की सूचना जब नरेंद्र गिरि को हुई तो उन्होंने छह सितंबर को दारागंज थाने में तहरीर दी कि वह इंटरनेट नहीं चलाते हैं।
किसी व्यक्ति ने उनके नाम का प्रयोग कर ट्विटर एकाउंट बना लिया है। इस एकाउंट से उनका कोई लेना देना नहीं है। उनकी तहरीर पर दारागंज थाने में आईटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी। हालांकि इस मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसी बीच नरेंद्र गिरि को किसी ने हरिद्वार से बताया था कि आनंद गिरि ने किसी महिला के साथ उनकी फोटो एडिट कर वीडियो बना लिया है।
उन्होंने सुसाइड नोट में भी लिखा है कि ‘मैं 13 सितंबर को हो खुदकुशी करने वाला था लेकिन उस दिन हिम्मत नहीं पड़ी। इसके बाद संभवतः उन्हें वीडियो के बारे में फिर बताया गया कि आनंद गिरि एक दो दिन में वीडियो वायरल कर देगा। 20 सितंबर को महंत का शव फंदे पर लटकता मिला।
सीबीआई अब कड़ी से कड़ी जोड़ने में जुटी है। ट्विटर पर फर्जी एकाउंट खोलने वाले के बारे में पता लगाया जा रहा है। नरेंद्र गिरि के कॉल डीटेल्स से इस बात का भी पता लगाया जा रहा है कि उन्हें वीडियो के बारे में जानकारी देने वाला हरिद्वार का वह शख्स कौन है। केस की गुत्थी खोलने में हरिद्वार का रहस्यमय शख्स महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है।

