-चांगीपुर गांव के मौजूदा ग्राम प्रधान ने संभावित उम्मीदवार को जेल भिजवाने के लिए बनाया था प्लान
बिजनौर। ग्राम चांगीपुर में गोकशी की घटना का पुलिस ने जो खुलासा किया है उसने सभी के पैरों तले जमीन खिसका दी है । पुलिस जांच में सामने आया कि पिछले करीब 10 साल से ग्राम प्रधान पद पर काबिज मौजूदा प्रधान जगपाल ने आगामी चुनाव में अपनी पकड़ बनाए रखने और चुनावी मैदान में संभावित प्रतिद्वंद्वी हसन को रास्ते से हटाने के लिए यह प्लान तैयार किया था। हालांकि अभी ये किसी को पता नहीं है चुनाव कब होंगे। पुलिस ने ग्राम प्रधान और उसके भाई समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
एएसपी देहात प्रकाश कुमार ने बताया कि 18 जून 2026 को ग्राम चांगीपुर में ईख के खेत से गौवंशीय बछड़े के अवशेष मिले थे। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी और कुछ लोगों ने हसन व उसके साथियों पर गौकशी का आरोप लगाया था। लेकिन पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया तो मामला उल्टा निकला।
पुलिस के मुताबिक हसन नूरपुर थाने का हिस्ट्रीशीटर है और इस बार ग्राम प्रधान पद के चुनाव में उतरने की तैयारी कर रहा था। मौजूदा प्रधान जगपाल को आशंका थी कि यदि हसन चुनाव मैदान में उतरा तो उसकी जीत की संभावना बन सकती है। इसी आशंका के चलते हसन का गांव में प्रभाव कम करने और उसे गौकशी जैसे गंभीर मामले में फंसाकर जेल भिजवाने की साजिश रची गई।
पुलिस पूछताछ में आरोपी फैजान उर्फ सोनू ने बताया कि उसने अपने साथियों जुबेर और सलमान के साथ मिलकर 17 जून की रात जगपाल प्रधान के खेत में गौकशी की। इसके बाद अवशेषों को प्लास्टिक के कट्टे में भरकर रामअवतार के ईख के खेत में रख दिया गया। सुबह पूर्व नियोजित योजना के तहत पुलिस को सूचना दी गई और हसन व उसके साथियों पर आरोप लगाए गए।
पुलिस ने इस मामले में फैजान उर्फ सोनू, ग्राम प्रधान जगपाल, किरणपाल उर्फ लाला, रामअवतार और ब्रह्मपाल उर्फ संता को गिरफ्तार किया है।
फैजान पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ, जिसे उपचार के लिए सीएचसी नूरपुर भेजा गया। पुलिस ने उसके कब्जे से अवैध तमंचा 315 बोर, खोखा कारतूस और पशुवध के उपकरण बरामद किए हैं। वहीं जुबेर, सलमान और फारूख उर्फ पप्पू फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि प्रकरण में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

