दिल्ली। दिल्ली से हावड़ा के बीच 1525 किलोमीटर लंबे ढांचागत 160 किलोमीटर की रफ्तार से ट्रेन दौड़ाने की योजना को अमलीजामा पहनाने का कार्य तेज हो गया है।
कार्य पूरा होने के बाद दिल्ली हावड़ा की दूरी 17-20 घंटे के बजाय महज 13-15 घंटे में सफर पूरी हो जाएगी। धनबाद रेल मंडल के अंतर्गत प्रधान घंटा से कानपुर तक 200 किलोमीटर का एरिया आता है। बताया जाता है कि नई दिल्ली-हावड़ा रेल रूट देश का पहला सेमी हाईस्पीड रेल रूट में शुमार होगा। इसमें सभी रेलवे क्रॉसिग बंद कर दिए जाएंगे और रेलवे पटरी के किनारे कंक्रीट की दीवारें बनेगी। इसका कार्य शुरू हो गया है। जहां दीवार नहीं बन सकेंगे उस स्थान पर कटीले तार से बैरिकेडिग कर घेरा कर दिया जाएगा।
इसका उद्देश्य कोई भी जानवर, इंसान या वाहन हाइस्पीड ट्रैक पर नहीं पहुंच पाए। इधर, शुक्रवार को धनबाद रेल मंडल के डीआरएम आशीष बंसल ने परख स्पेशल ट्रेन से कोडरमा मानपुर रेलखंड का निरीक्षण टीम के साथ किया। कोडरमा स्टेशन पर पत्रकारों से बातचीत करते कहा कि 160 किमी की रफ्तार से ट्रेन चलाने को लेकर धनबाद रेल मंडल के प्रधानखंटा से मानपुर तक 200 किलोमीटर के क्षेत्र में ट्रैक के दोनों तरफ दीवार लगाने का कार्य शुरू हो चुका है। 2023 तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलवा ट्रैक व्यवस्था, फुट ओवर ब्रिज,लोको सिग्नल एवं ट्रैक को पूर्णता दुरुस्त किया जा रहा है।
इसके लिए धनबाद रेल मंडल को 912 करोड़ रुपए की राशि प्राप्त हुई है। दूसरी ओर कोडरमा-मधुपुर लाइन के संबंध में उन्होंने बताया कि मार्च 2022 तक कोडरमा से कोवाड़ तक चलने वाली पैसेंजर ट्रेन की स्पीड क्षमता 75 किलोमीटर कर दी जाएगी। जिससे मधुपुर पहुंचने में सवा 2 घंटे कोडरमा से लगेगा, जिसकी दूरी 125 किलोमीटर है।

