वैदिक साधन आश्रम तपोवन नालापानी में आर्य निर्मात्री सभा का दो दिवसीय गुरुकुल सत्र शुरू

Vedic Sadhan Ashram Tapovan Nalapani
  • अपनी समृद्ध संस्कृति को समझें युवा : आर्य

देहरादून। वैदिक साधन आश्रम तपोवन नालापानी में आर्य निर्मात्री सभा के दो दिवसीय गुरुकुल सत्र का शनिवार से प्रारंभ हुआ। जिसमें बच्चों और युवाओं वेद और वैदिक संस्कृति का महत्व बताने के साथ ही नशाखोरी जैसी बुराइयों के दुष्प्रभावाें के बारे में बताया जाता है।

प्रांतीय अध्यक्ष विजयपाल सिंह आर्य ने बताया कि युवा पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति की भावना जाग्रत करने और भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष इस परिसर में दो दिवसीय शिविर का आयोजन किया जाता है। जिसका उद्देश्य भारतीय संस्कृति के मूल आधार वेद और वैदिक संस्कृति का प्रचार प्रसार, युवाओं को अपने राष्ट्र और धर्म के प्रति जागरूक करना है और उनके अंदर राष्ट्रीय भावना को भरना है, जिससे कि युवा अपनी संस्कृति को अच्छी तरह समझ सके और अच्छी तरह जान सकें। युवाओं में जो दुर्व्यसन बढ़ रहे हैं उनसे उनको बचाया जा सके।

उन्होंने कहा ​​कि आज भारत का युवा अपनी संस्कृति के विमुख होकर पश्चिमी संस्कृति की ओर आकर्षित हो रहा है जबकि पश्चिम के अनेक देशों के लोग समृद्ध भारतीय संस्कृति को अपना रहे हैं। ऐसे में युवाओं को अपने देश और संस्कृति की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए। प्रथम दिन आचार्य हनुमान प्रसाद, आचार्य अवनीश, सुशीला, मोनिका ने प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम में अमित आर्य, बृजेश आर्य, दिव्य प्रकाश, राजू आर्य, आर्य गौरव शर्मा, आर्य अंकित, आर्य अभिषेक, सुधीर आर्य, पुष्पा गोसाईं, रक्षा थापा आदि ने भाग लिया।

advertisement at ghamasaana