शामली। कैराना में यमुना में स्नान करते समय हरियाणा के जनपद पानीपत के गांव खोतपुरा निवासी दो किशोर और एक युवक यमुना में डूब गए। अन्य साथियों द्वारा शोर मचाने पर गोताखोरों ने यमुना में छलांग लगा दी। सूचना पर एसडीएम और कोतवाली प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। देर शाम तक भी यमुना में डूबे दोनों किशोरों और युवक का पता नहीं चला।
बृहस्पतिवार अपराहन करीब 3.30 बजे पानीपत के गांव खोतपुरा निवासी 6 युवक और किशोर यमुना में नहाने आए थे। सभी 6 युवक और किशोर यमुना में हरियाणा की साइड नहाने लगे। इसी दौरान 17 वर्षीय सुमित, 18 वर्षीय सुंडेसी उर्फ सुमित और 17 वर्षीय नितेश यमुना के गहरे पानी में डूब गए। अन्य साथियों द्वारा शोर मचाने पर यमुना पुल पर तैनात गोताखोरों ने यमुना में छलांग लगा दी।
सूचना पर एसडीएम स्वप्निल यादव और कोतवाली प्रभारी वीरेंद्र सिंह कसाना मौके पर पहुंचे। गोताखोरों में मोटर बोट के सहारे यमुना में डूबे दोनों किशोरो और युवक की तलाश की। सूचना पर पानीपत से परिजन भी रोते बिलखते मौके पर पहुंच गए। वहीं देर शाम तक भी यमुना में डूबे दोनों किशोरो और युवक का पता नहीं चल सका।
11 दिन पहले भी यमुना में दो सगे भाई और उनका मामा डूब गया था
शामली। यमुना नदी में गहरे गहरे गड्ढे होने के कारण 4 अगस्त को पानीपत के थाना चांदनी बाग से यमुना में नहाने आए राजस्थान के मूल निवासी 30 वर्षीय महेश और उसका 25 वर्षीय भाई बोधू उर्फ़ जितेंद्र तथा 35 वर्षीय मामा लोकेश यमुना में नहाते समय डूब गए थे। अगले दिन 5 अगस्त को गोताखोरों ने यमुना पुल से करीब 1 किलोमीटर आगे मामौर के पास से महेश और लोकेश का शव बरामद किया था। बाद में गोताखोरों ने तीसरे युवक जितेंद्र की तलाश में कई दिन तक अभियान चलाया लेकिन 11 दिन बीत जाने के बाद भी आज तक यमुना में डूबे जितेंद्र का कहीं पता नहीं चल सका।

