गोंडा। वर्ष 2023 की यूपी बोर्ड की परीक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। इस बार उन एडेड स्कूलों कों परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा जहां प्रबंधन को लेकर कोई विवाद है चल रहा है। परीक्षा केंद्र बनाए जाने से पहले जिले के 485 कालेजों का सर्वे होगा। सर्वे के आधार पर रिपोर्ट तय होगी और मेरिट में बेहतर अंक पाने वाले स्कूल ही इस बार सेंटर बन सकेंगे।
परीक्षा केंद्र का निर्धारण करने वाली जिला कमेटी में पुलिस अधीक्षक को भी शामिल किया गया है। यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर माध्यमिक शिक्षा विभाग तैयारियों में जुट गया है। बोर्ड एग्जाम के लिए परीक्षा केंद्र निर्धारण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इस बार कक्षा कक्ष के लिए एक की बजाय 5 अंक दिए जाएंगे।
वहीं पिछली बार के परीक्षा परिणाम 90 फीसदी से ज्यादा पर 10 अंक, राजकीय स्कूलों को 50, अशासकीय सहायता प्राप्त को 30 और वित्तविहीन स्कूलों को 10 अंक दिए जाएंगे। इस अंक के आधार पर मेरिट का निर्धारण होगा। इसी मेरिट से परीक्षा केंद्र बनाए जायेंगे। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए स्कूलों को केंद्र बनाने से पहले उनकी पड़ताल कराई जाएगी। जिले के 485 इंटर कॉलेजों का सर्वे कराया जायेगा। इस सर्वे रिपोर्ट के आधार पर जिला स्तरीय टीम केंद्रों को प्रस्तावित करेगी।
वित्तविहीन स्कूलों के कमरों की खिड़की सार्वजनिक सड़क या संकरी गली में खुलेगी तो उसे परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा, एडेड विद्यालयों में प्रबंधकीय विवाद वालों को इस बार परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा, जिन विद्यालयों के प्रधानाचार्य केंद्र निर्धारण के लिए जरूरी सूचनाएं समय से अपलोड नहीं करेंगे और गलत सूचनाएं देंगे उन्हें केंद्र नहीं बनाया जाएगा, जिन वित्त विहीन विद्यालयों के परिसर में प्रबंधक प्रधानाचार्य आवास या छात्रावास हैं उन्हें केंद्र नहीं बनाया जाएगा, किसी विद्यालय के प्रवेश द्वार, शिक्षण कक्ष आदि के ऊपर से हाईटेंशन बिजली लाइन गई है तो उन्हें भी केंद्र नहीं बनाया जाएगा, एक पाली में 125 से कम क्षमता वाले निजी विद्यालय परीक्षा केंद्र नहीं बनेंगे। वर्ष 2022 की परीक्षा में जिन वित्तविहीन कॉलेजों के 30 फीसदी या उससे अधिक छात्र गैर हाजिर रहे हैं उन्हें भी केंद्र नहीं बनाया जायेगा।

