ऋषिकेश। विधानसभा चुनाव को लेकर हुई भाजपा की रायशुमारी बैठक में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जबरदस्त हंगामा काटा। पर्यवेक्षकों के सामने नेताओं ने ऋषिकेश मण्डल अध्यक्ष पर फर्जी मतदान कराने का आरोप लगाया। ऋषिकेश विधानसभा के निर्वाचन अभिकर्ता ने प्रदेश संगठन को मामले में शिकायत दी है।
मंगलवार को विधानसभा उम्मीदवार के चयन को लेकर भाजपा प्रदेश कार्यालय से दो पर्यवेक्षक ऋशिकेश पहुंचे। रेलवे रोड स्थित अग्रवाल धर्मशाला में रायशुमारी के दौरान कुछ भाजपा नेताओं और उनके समर्थकों ने हंगामा शुरू कर दिया। काफी देर तक चले हंगामे के बाद भाजपा नेता और उनके समर्थक सड़क पर आकर विरोध जताने लगे। नेताओं और उनके समर्थकों का आरोप है कि विधायक प्रेमचंद अग्रवाल के इशारे पर भाजपा मण्डल अध्यक्ष दिनेश सती ने रायशुमारी के दौरान फर्जी मतदान कराया।
भाजपा ऋषिकेश विधानसभा के निर्वाचन अभिकर्ता संजय कुमार वर्मा ने हाईकमान को शिकायती पत्र लिखकर मण्डल अध्यक्ष दिनेश सती की ओर से सोची समझी योजना के तहत मतदान कराने की शिकायत दी है। उन्होंने शिकायत पत्र में बताया कि मतदान से पहले कुछ पदाधिकारियों को बदला गया था। इसलिए जब तक सभी पदाधिकारी मतदान नहीं करते तब तक रायशुमारी पर मोहर नहीं लगाई जाए। वहीं भाजपा ऋषिकेश मण्डल अध्यक्ष दिनेश सती ने बताया कि जब तक वह बैठक में मौजूद था तब तक कोई हंगामा नहीं हुआ। मुझे किसी शिकायती पत्र की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि बैठक सकुशल संपन्न होने के बाद वे घर आ गए थे।
एक दर्ज नेताओं ने ठोका दावा
सूत्रों के अनुसार बैठक में पर्यवेक्षकों के सामने दो दर्जन नेताओं ने विधानसभा के टिकट के लिए दावेदारी पेश की। इनमें विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, मेयर अनीता ममगाई, जिला पंचायत सदस्य संजीव चौहान, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य संजय शास्त्री, संदीप गुप्ता, पूर्व दर्जाधारी कृष्ण कुमार सिंघल, सुदेश कंडवाल, कपिल गुप्ता, जितेंद्र अग्रवाल, सरोज डिमरी, कविता शाह, आशुतोष शर्मा आदि के नाम सामने आए हैं। पर्यवेक्षक राजेंद्र भंडारी ने बताया कि सभी दावेदारों के नाम हाईकमान को भेज दिए गए हैं।

