अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी ईरान में कई सैन्य ठिकानों पर नए हमले किए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक इन हमलों में ईरानी मिसाइल ठिकानों और उन नौसैनिक जहाज़ों को निशाना बनाया गया, जो समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रहे थे।
सेंट्रल कमांड ने बयान जारी कर कहा कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा के तहत की गई है। अमेरिका का कहना है कि उसके सैनिकों और सैन्य संपत्तियों को ईरानी गतिविधियों से खतरा था, जिसके चलते यह कदम उठाया गया। CENTCOM के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि युद्धविराम के बावजूद अमेरिकी सेना संयम बरतते हुए अपने सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करती रहेगी।
जानकारी के अनुसार ये हमले दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास इलाके के पास किए गए। बंदर अब्बास ईरान का महत्वपूर्ण नौसैनिक केंद्र माना जाता है और यह रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज स्ट्रेट पर स्थित है। दुनिया के बड़े हिस्से का तेल व्यापार इसी समुद्री मार्ग से गुजरता है, इसलिए यहां किसी भी सैन्य गतिविधि को वैश्विक स्तर पर गंभीर माना जाता है।
इन हमलों के बीच ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने कहा है कि अमेरिका के साथ बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन फिलहाल किसी बड़े शांति समझौते की संभावना नजर नहीं आ रही।
गौरतलब है कि इससे पहले 28 फरवरी को अमेरिका और इसराइल ने संयुक्त रूप से ईरान पर सैन्य कार्रवाई शुरू की थी। हालांकि नए अमेरिकी हमलों पर ईरान की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि इन हमलों का संभावित शांति वार्ता और क्षेत्रीय स्थिरता पर क्या असर पड़ेगा।

