गाजियाबाद। लोन दिलाने और क्रेडिट कार्ड बनाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। साइबर सेल और लोनी पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 10 मोबाइल फोन और 2 फर्जी आधार कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी कोरोना काल में बेरोजगार होने के बाद से ठगी का काम शुरू कर दिया।
साइबर सेल प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि अशोक विहार लोनी निवासी मोहित ने 25 नवंबर को ठगी की शिकायत साइबर सेल में की थी कि 15 नवंबर को लोन दिलवाने के नाम पर उससे डेढ़ लाख रुपये की ठगी की गई है। साइबर सेल ने इस मामले की जांच करते हुए आरोपियों को ट्रेस कर लिया। जांच के आधार पर पुलिस ने हापुड़ निवासी संदीप कुमार, धर्मेंद्र कुमार और बुलंदशहर के बागूवाला निवासी नितिन कुमार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे इंडिया बुल्स धनी कपंनी से लोन दिलवाने और नया क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए लोगों को फोन करते थे। जो व्यक्ति उनके झांसे में आ जाता थे उनसे लोन अप्लाई करने, फीस विभिन्न नामों के आधार पर मोबाइल वॉलेट में रुपये ट्रांसफर करवाते थे।
13 महीने से लोगों को बना रहे थे शिकार
पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य 13 महीने से यह कार्य कर रहे थे। इन्होंने हापुड़ में भी एक ऑफिस खोल रखा था। आरोपियों के पास से मिले दस्तावेज व अन्य सामग्री से सामने आया कि गिरोह के सदस्य 500 से अधिक लोगों से ठगी कर चुके हैं। जिनसे लाखों रुपये की ठगी की है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने लॉकडाउन में नौकरी छूटने के बाद ठगी करने शुरू कर दिया। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी संदीप कुमार ने बीए, नितिन कुमार ने बीए और बीएड किया हुआ है, जो शिक्षण कार्यों से जुड़े थे। जबकि धमेंद्र कुमार ने बीएससी और बीएड किया है। जो अपना कारोबार करता था। लॉकडाउन में बेरोजगार होने बाद ठगी का धंधा शुरू कर दिया।
साइबर सेल प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जिन बैंकों में अपने खाते खुलवाए थे। उनके बैंक प्रबंधकों से पूछताछ की जाएगी। अगर जांच बैंकों के प्रबंधक और कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आती है तो उनपर भी कार्रवाई की जाएगी।

