अगस्त्यमुनि। फूलदेई महोत्सव में जनपद के विभिन्न स्कूलों और गांवों की 50 से अधिक बाल टीमों ने प्रतिभाग किया। इस मौके पर अतिथियों ने फूलदेई महोत्सव को राज्य महोत्सव के साथ ही विश्व धरोहर की सूची में शामिल करने के लिए एकजुट प्रयास की बात भी कही। इस मौके पर टीमों ने गीत व नृत्य की शानदार प्रस्तुतियों से मौजूद जनसमुदाय को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रतियोगिता में राजकीय इंटर कॉलेज कंडारा की टीम प्रथम रही। सभी प्रतिभागी टीमों को स्मृति चिन्ह व नगद पुरस्कार प्रदान किए गए।
दस्तक पत्रिका के सहयोग से खेल मैदान में आयोजित फूलदेई महोत्सव का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि गढ़वाल मंडल के अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) महावीर सिंह बिष्ट ने कहा कि फूलदेई का पर्व बच्चों का यह एकमात्र त्यौहार है, जो पूरे राज्य में मनाया जाता है। इसे सभी के प्रयास से राज्य महोत्सव घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने मंदाकिनी घाटी में फूलदेई के आयोजन को लेकर खुशी जताते हुए कहा कि यह क्षेत्र पहले से ही लोक संस्कृति के संरक्षण में अपनी अहम भूमिका निभाता आ रहा है। कहा कि कि बाती शिक्षा के अलावा बच्चों को अपनी संस्कृति व विरासत से जोडऩे के लिए दस्तक पत्रिका का प्रयास सराहनीय है।
विशिष्ठ अतिथि हेमवती नंदन बहुगुणा केंद्रीय विवि के लोक संस्कृति एंव निष्पादन केंद्र के पूर्व निदेशक डा. डीआर पुरोहित ने कहा कि उत्तराखंड हिमालय में फूलदेई अकेला ऐसा बाल त्यौहार है, जो पूरे दुनिया में सिर्फ बच्चों के द्वारा मनाया जाता है और इसके आयोजक भी बच्चे होते हैं। उन्होंने फूलदेई को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने के लिए ठोस पहल पर जोर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष अरूणा बेंजवाल ने इस तरह के आयोजन नगर व क्षेत्र के लिए गौरव की बात है।
शिक्षाविद् व रंगकर्मी गिरीश बेंजवाल के संचालन में आयोजित फूलदेई महोत्सव में 50 से अधिक बाल टीमों ने परंपरागत वेशभूषा व वाद्य यंत्रों के साथ फूलदेई गीतों के माध्यम से नगर में शोभायात्रा निकाली। प्रतियोगिता में राजकीय इंटर कॉलेज मणिगुह की टीम द्वितीय, ल्वाणी की टीम तृतीय रही। जबकि मां मठियाणा और बैनोली की टीम ने क्रमश: चतुर्थ व पंचम स्थान प्राप्त किया।
समारोह में राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष आनंद सिंह जगवाण, महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास अधिकारी हिमांशु बडोला, भाजपा के वरिष्ठ नेता श्रीनंद जमलोकी, प्रदीप सिंह राणा, हरेंद्र सिंह बिष्ट, नवीन बिष्ट, हरीश गुसाईं, केपी कांडपाल, दीपक बेंजवाल, हेमंत फर्सवाण, ललिता रौतेला, कुसुम भट्ट, सुधीर बर्तवाल आदि मौजूद थे
उम्मीदों के पहाड़ से नवाजे गए
अगस्त्यमुनि। दस्तक परिवार ने फूलदेई महोत्सव के मौके पर एक युवती सहित तीन लोगों को उम्मीदों के पहाड़ सम्मान से भी सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में मांगल व जागर गीतों के लिए सारी गांव निवासी रामेश्वरी देवी, स्वास्थ्य के लिए फाटा में तैनात एएनएम दर्शनी देवी और साहित्य के लिए युवा साहित्यकार कविता कैंतुरा शामिल हैं।

