समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 35 महिलाओं को महिला आयोग ने किया सम्मानित

Women Commission honored

देहरादून। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग के द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली सशक्त महिलाओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर दून विश्वविद्यालय कुलपति- डॉ सुरेखा डंगवाल, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष – डॉ गीता खन्ना, पूर्व विधायक केदारनाथ- श्रीमती आशा नौटियाल, पूर्व विधायक बद्रीनाथ- श्री महेंद्र भट्ट व महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल व उपाध्यक्ष ज्योति साह, सायरा बानो ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

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महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कार्यक्रम में पहुंचे सभी प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं दी तथा अतिथियों को पुष्प गुच्छ व उत्तराखंड की पहचान गौरा देवी की प्रतिमा भेंट कर स्वागत अभिनन्दन किया।

कार्यक्रम में पहुंची विभिन्न विभागों, सामाजिक संस्थाओं की महिलाओं को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ सुरेखा डंगवाल ने कहा कि जहां जहां महिलाओं ने नेतृत्व किया वहां वहां विजय पताका फहराई है। आज हमें अपनी ताकत को पहचान कर देश की सामाजिकता और आर्थिकी को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि माननीय नरेन्द्र मोदी जी के द्वारा महिलाओं को आज विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व करने के लिए प्राथमिकता दी जा रही है।

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उन्होंने कहा कि आज की महिला स्वतंत्रता की परिभाषा को पश्चिम की सभ्यता के आधार पर देखती है। जहाँ महिला को केवल एक वस्तु समझा जाता है। और अगर बात भारत की करे तो यहां महिला को देवी समझा जाता है हमे आज आवश्यकता है कि अपने संस्कारों और सभ्यता को भी पहचाने। उन्होंने कहा कि पश्चिम में जैसे जैसे महिलाओं की उम्र बढ़ती है वैसे वैसे उनकी इज्जत घट जाती है और भारत मे जैसे जैसे महिलाओं की उम्र बढ़ती है वैसे वैसे महिलाओं का सम्मान और इज्जत बढ़ती है उन्हें घर में सबसे ऊंचा दर्जा दिया जाता है।

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वहीं कार्यक्रम में पहुंची विशिष्ट अतिथि डॉ गीता खन्ना ने महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर बधाई देते हुए प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य हेतु उन्हें शुभकामनाएं दी। तथा विशिष्ट अतिथि महेंद्र भट्ट ने भी राज्य महिला आयोग के इस कदम को सराहनीय बताते हुए कहा कि महिलाए हमारी संस्कृति की धरोहर है। आज प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में महिलाएं समाज के हर पहलू में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिला कर आगे आ रही है। आज सरकार महिलाओं के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं ला रही है। जो कि महिलाओं के सशक्तिकरण में सहायक है। महिला आयोग आज नई ऊंचाइयों को छू रहा है ।

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महिला आयोग द्वारा नारी शक्ति सम्मान कार्यक्रम के अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कर कर रही लगभग 35 महिलाओं को सम्मानित किया गया । जिसमें सरकारी विभाग, सामाजिक संस्थाओं, और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाली उत्कृष्ट महिलाओं को आयोग द्वारा प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

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कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दून विश्विद्यालय के छात्र छात्राओं ने एक स्वरचित व स्व लिखित नाटक – मिसाइल वुमन ऑफ इंडिया- डॉक्टर टेसी थॉमस का मंचन किया। इस नाटक का मुख्य उद्देश्य – जेंडर समानता एवं महिलाओं की टेक्नोलॉजी तक पहुंच थीम पर आधारित था।

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प्रस्तुति के द्वारा उन्होंने डॉक्टर टेसी थॉमस के पूरी जीवन का वर्णन किया। उन्होंने संक्षिप्त में उपस्थित जनों को जानकारी दी कि कैसे बचपन से टेसी का रॉकेट साइंस की ओर रुझान ओर उनकी कड़ी मेहनत ने उन्हें मिसाइल वुमन ऑफ इंडिया की उपाधि दिलाई। उन्होंने बहुत सुंदर तरीके से महिलाओं को प्रेरणा देने के संदर्भ मे एक नये नाम से अवगत करवाया। इसी के उपरान्त DAV कॉलेज की छात्रा कनिका द्वारा महिला सशक्तिकरण पर नृत्य व सांस्कृतिक विभाग की टीम द्वारा लोक नृत्य प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम का संचालन महिला आयोग की सदस्य सचिव कामिनी गुप्ता व मीनाक्षी मैठाणी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार हरीश कोठारी, नीरू देवी, मधु भट्ट, साधना शर्मा, इंदुबाला, रजनी कुकरेती, सरिता गौड़, अनुराधा वालिया, माधवी गुप्ता व विभिन्न ग्राम प्रधान – पूनम चौहान, पूजा पाल, सुमन ज्याला, प्रेमलता नंदन सहित महिला सशक्तिकरण व बाल विकास विभाग से DPO मोहित चौधरी, CDPO – तरुणा चमोला, शिखा कण्डवाल अंजना गुप्ता, मीना बिष्ट, एस आई संगीता नौटियाल, दयाराम सिंह, आदि उपस्थित रहे।

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